मुख्य समाचार: पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक (HMM) और दिल्ली घोषणापत्र
13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक घटना हुई—
प्रथम बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक का समापन हुआ। इस बैठक में सभी सात सदस्य देशों ने मिलकर
'दिल्ली घोषणापत्र' (Delhi Declaration) को अपनाया। यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के आसपास के देशों के लिए अपनी आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) को मजबूत करने का एक नया संकल्प था।
यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है? (The 'Why' Factor)
अभी तक बिम्सटेक देशों के बीच 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों' (National Security Advisors - NSAs) की बैठकें तो होती थीं, लेकिन गृह मंत्रियों के स्तर पर यह पहली बैठक थी। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि:
- साझा चुनौतियाँ: आतंकवाद, नशीली दवाओं की तस्करी (Drug Trafficking), और साइबर अपराध (Cybercrimes) जैसी समस्याएँ किसी एक देश की नहीं हैं।
- जमीनी क्रियान्वयन: गृह मंत्रालय सीधे तौर पर पुलिस और आंतरिक कानून व्यवस्था को संभालता है, इसलिए जमीनी स्तर पर सहयोग के लिए इन मंत्रियों का मिलना जरूरी था।
- सुरक्षा और विकास का जुड़ाव: घोषणापत्र में साफ कहा गया कि बिना सुरक्षा (Security) के विकास (Development) संभव नहीं है।
दिल्ली घोषणापत्र की मुख्य बातें (Key Highlights)
इस घोषणापत्र के माध्यम से सदस्य देशों ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई है:
- आतंकवाद की कड़ी निंदा: सीमा पार आतंकवाद (Cross-border terrorism) और आतंकवाद के वित्तपोषण (Financing of terrorism) को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई है। इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) के अनुसार लागू किया जाएगा।
- तकनीक का दुरुपयोग रोकना: अपराधी अब ऑनलाइन धोखाधड़ी और 'स्कैम सेंटर' (Scam Centres) चलाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। सदस्य देशों ने इससे मिलकर लड़ने का फैसला किया है।
- मानव तस्करी पर लगाम: पीड़ितों के बचाव और उनके पुनर्वास (Reintegration) के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure - SOP) बनाने पर जोर दिया गया।
- क्षेत्रीय सूचना साझाकरण: नशीली दवाओं की तस्करी पर नजर रखने के लिए एक 'ड्रग ऑफेंस मॉनिटरिंग डेस्क' (Drug Offences Monitoring Desk) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
तुलनात्मक विश्लेषण: पुरानी और नई व्यवस्था
पहले बिम्सटेक में सुरक्षा सहयोग केवल चर्चाओं तक सीमित था, लेकिन अब इसे
संस्थागत (Institutional) बनाया जा रहा है। 2018 के काठमांडू शिखर सम्मेलन में गृह मंत्रियों की बैठक का सुझाव दिया गया था, जिसे 2025 के बैंकॉक शिखर सम्मेलन में मंजूरी मिली और 2026 में भारत ने इसे हकीकत में बदल दिया।
| महत्वपूर्ण संधि/शिखर सम्मेलन (Convention/Summit) | मुख्य उद्देश्य (Primary Objective) | वर्तमान स्थिति (Status) |
|---|
| 4था बिम्सटेक शिखर सम्मेलन (काठमांडू, 2018) | गृह मंत्री स्तर की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। | संपन्न |
| 6ठा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन (बैंकॉक, 2025) | गृह मंत्रियों की बैठक (HMM) तंत्र को आधिकारिक रूप से स्थापित किया। | संपन्न |
| बिम्सटेक आतंकवाद विरोधी कन्वेंशन | आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से लड़ना। | मार्च 2021 से लागू |
भाग 2: स्थिर पृष्ठभूमि और संदर्भ (Static Background)
प्रमुख संस्थान एवं संगठन (Important Institutions/Organizations)
- बिम्सटेक (BIMSTEC): इसका पूरा नाम 'Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation' है। इसकी स्थापना 1997 में 'बैंकॉक घोषणा' के माध्यम से हुई थी। इसका मुख्यालय ढाका, बांग्लादेश में है। इसमें 7 सदस्य देश शामिल हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति (UN 1267 Sanctions Committee): यह समिति उन व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाती है जो अल-कायदा या आईएसआईएल (ISIL) जैसे आतंकी समूहों से जुड़े होते हैं।
- FATF (Financial Action Task Force): यह एक वैश्विक संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और आतंकी वित्तपोषण को रोकने के लिए मानक तय करती है।
महत्वपूर्ण शब्दावली (Glossary)
- संप्रभु समानता (Sovereign Equality): इसका अर्थ है कि अंतरराष्ट्रीय कानून में सभी देश बराबर हैं, चाहे उनका आकार या शक्ति कुछ भी हो।
- प्रत्यर्पण (Extradition): जब एक देश किसी अपराधी को दूसरे देश को सौंपता है जहाँ उसने अपराध किया है, ताकि उस पर मुकदमा चलाया जा सके।
- मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering): अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को कानूनी या सफेद धन के रूप में दिखाने की प्रक्रिया।
- पारराष्ट्रीय अपराध (Transnational Organised Crime): ऐसे अपराध जो एक से अधिक देशों की सीमाओं में फैले होते हैं, जैसे तस्करी।